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चिकनपॉक्स – कारण और देखभाल | Chickenpox in Babies & Kids in Hindi

Chickenpox in Babies & Kids - Symptoms, Care, Food & Prevention hindi kannada

चिकनपॉक्स बच्चों और माँ बाप के लिए डरा देने वाली बिमारियों में से एक है| यह बीमारी बच्चों को सबसे ज्यादा बेचैन करती और तकलीफ देती है| चिकनपॉक्स से ग्रसित हर इंसान को अतिरिक्त देखभाल और सावधानी बरतने की ज़रुरत होती है| भूख न लगना, त्वचा पर रैशेस, त्वचा पर खारिश, और बहुत सी तकलीफें इससे होने वाली बेचैनी को बढ़ा देती हैं| चिकनपॉक्स के बारे में जानकारी बहुत से लोगों की मदद कर सकती है| नीचे लिखे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें:

चिकनपॉक्स – कारण और देखभाल | Chickenpox in Babies & Kids in Hindi

(अंत में दिए गए विडियो को देखना मत भूलिए )

Chickenpox in Babies & Kids - Symptoms, Care, Food & Prevention hindi kannada

1. क्या होता है चिकनपॉक्स?

चिकनपॉक्स एक संक्रामक और बच्चों में होने वाली आम बीमारी है| इससे बाद में त्वचा पर रैशेस, त्वचा पर खुजली वाले छाले और उन पर पपड़ी जम जाती है| यह शुरू आम जुखाम या नाक बहने से होता है|

2. कैसे होता है चिकनपॉक्स?

चिकनपॉक्स वेरीसेल्ला के नाम से भी जाना जाता है जो कि इसके वायरस का नाम है(वेरीसेल्ला-जोस्टर वायरस) और यही कारण बनता है चिकनपॉक्स का| इस दौरान बीमार बहुत ही संक्रामक हो जाता है और बहुत ही आसानी से 2 से 5 दिन में छींक या खांसी के ज़रिये वायरस फैला सकता है|

3. किसे खतरा है चिकनपॉक्स से?

दो साल से कम के बच्चों को चिकनपॉक्स होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है या फिर किसी ने इंजेक्शन-vaccination न लगवाया हो| बच्चों को यह संक्रमक किसी और बच्चे से भी हो जाता है|

4. चिकनपॉक्स के लक्षण:

इसकी शुरुआत एक साधारण से लगने वाले जुखाम, खांसी, थकावट और नाक बहने से होती है जो 1-2 दिन में चिढ़चिढ़ाहट में बदल जाती है| बाद में त्वचा पर रैशेस, पूरे बदन पर पानी वाले छाले जो कि बाद में पपड़ी में बदल जाते हैं, भूख में कमी, बुखार, मासपेशियों या जोड़ो में दर्द जैसे लक्षण नज़र आने लगते हैं|

5. कैसे बचें चिकनपॉक्स से?

चिकनपॉक्स के इंजेक्शन (वैक्सीनेशन) सबसे कारगर तरीका है इस बीमारी से बचने का| वैक्सीनेशन इसके वायरस से लड़ने की क्षमता को बढ़ा देता है| इसके अलावा अपनी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाना एक और तरीका है इस बीमारी से दूर रहने का|

6. चिकनपॉक्स के विभिन्न इलाज:

  • डॉक्टर के बताये इलाज को करते हुए अतिरिक्त एहतियात अवश्य बरतें:
  • इस दौरान बच्चों को कभी भी एस्पिरिन न दें|
  • एंटीबायोटिक्स डॉक्टर के कहने पर ही दें|
  • बिस्तर पर सम्पूर्ण आराम
  • बेकिंग सोडा और ठन्डे पानी से नहाना खारिश और त्वचा के रैशेस में राहत पहुंचाता है|
  • बॉडी लोशन का इस्तेमाल करने से त्वचा की परेशानीयों में राहत मिलती है|
  • भरपूर पानी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती|

7. यह कैसे फैलता है?

चिकनपॉक्स बहुत ही संक्रामक बीमारी है| इसका वायरस बहुत आसानी से छींको या खांसी या छालों को चूने से फैलता है| थूक का एक कतरा भी इस इन्फेक्शन को दूसरे तक पहुंचा सकता है| इसलिए यह बहुत ज़रूरी है की बीमार को कम से कम 15 दिन अलग रखा जाये जिससे यह बीमारी दूसरों को न हो|

8. भारत में चिकनपॉक्स से जुढ़े भ्रम

चिकनपॉक्स की वैक्सीनेशन 90 के दशक तक भी प्रचलित नहीं थी और इसे (अभी भी) जोड़ा जाता था देवी या माता से| इसमें कोई दवा नहीं दी जाती थी और बीमार को दो हफ्ते एक कमरे में अकेले रहना ही पड़ता था| नहाना वर्जित होता था और इसे अच्छा शगुन माना जाता था| अब समय बदल गया है पर आज भी बहुत सारे घरों में, खासकर गावों में इसे इसी तरह से माने जाने की पूरी सम्भावना है|

9. बच्चों में चिकनपॉक्स की बड़ी चिंता

  • चिकनपॉक्स बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है क्यूंकि उनकी रोग प्रतिरोधक शक्ति बहुत कम होती है|
  • इस इन्फेक्शन के फेफड़ों तक फैलने की सम्भावना बच्चों में ज्यादा होती है|
  • छालों में दूसरे बैक्टीरिया से इन्फेक्शन हो सकता है जिससे इसके निशान पूरी ज़िन्दगी तक बने रहते हैं|

10. चिकनपॉक्स में त्वचा की देखभाल

अपने बच्चे या infected व्यक्ति को ठंडा रखें और जितना हो सके गरम मौसम और पसीने से बचें|
सिर्फ सूती और ढीले कपड़े ही पहनाएँ|
ध्यान रखे की वह अपनी त्वचा को न खुजाएँ और न ही छीलें|
ठन्डे पानी से ओटमील लगा कर नहायें| ध्यान रखें नहाने के बाद त्वचा को मलें नहीं बस थोड़ा थोड़ा हलके हाथ से कपडा लगायें|
कैलामाइन लोशन या डॉक्टर द्वारा बताये गए कोई भी लोशन का उपयोग करें|

11. चिकनपॉक्स में क्या खाएं:

मासाहारी खाना, गेहूं या गेहूं के बने उत्पाद(मैदा) शरीर में गर्मी बढ़ाता है| इसलिए ऐसा खाना खाने से बचें| सिटरस फल और नमक का सेवन कम करें जिससे खारिश में बढ़ोतरी हो सकती है| बहुत ज्यादा नमक के सेवन से शरीर में पानी की कमी हो सकती है| जंक फ़ूड से पूरी तरह बचें| खूब सारे फल और सब्जियां खाएं जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है| पीने के लिए हर्बल चाय, दालचीनी वाली चाय, चामोमिले चाय, या तुलसी की चाय अच्छा विकल्प है बड़ो के लिए|

12. ध्यान देने वाली बातें:

  • अपने आप, डॉक्टर की सलाह के बिना, दवाइयां देना बीमार के लिए हानिकारक हो सकता है| इसलिए डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ|
  • स्कूल या डे-केयर में जाने वाले बच्चों को कम से कम दो हफ्ते घर पर ही रखें जिससे यह संक्रमण फैलने से बच सके|
  • गर्भवती महिलायों को चिकनपॉक्स में और भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्यूंकि इस दौरान बच्चों में जटिलता(कौमप्लीकेशन) पैदा होने की पूरी सम्भावना होती है|  अपने डॉक्टर के संपर्क में ज़रूर रहिये|
  • चिकनपॉक्स एक मौसमी बीमारी नहीं है पर फिर भी ज़्यादातर सर्दी और वसंत में फैलती है यानि मार्च से मई|

Video: चिकनपॉक्स – कारण और देखभाल | Chickenpox in Babies & Kids in Hindi

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